Last updated on May 13th, 2021 at 09:53 am

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत एक नए संसद भवन, नए आवसीय परिसर के निर्माण की कल्पना की गई है जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति के साथ और भी नए कार्यालय भवन, मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण होना है। लेकिन कोरोना महामारी के दूसरे लहर के बीच सेंट्रल विस्टा परियोजना पर रोक लगाने को याचिका दिल्ली हाइकोर्ट में दायर की गई थी। जिसकी सुनवाई मंगलवार को हुई है। सुनावाई के मध्य में केंद्र सरकार ने इस निर्माण कार्य का बचाव करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट में काम कर रहे मजदूर कोरोना कर्फ्यू से पहले ही जुट गए थे। और इस निर्माणकार्य रोकने की याचिका खारिज करने की मांग की साथ ही यह भी कहा कि इस निर्माण कार्य मे जो मजदूर काम कर रहे हैं उनका हेल्थ इंश्योरेंस और निर्माण साइट के साथ कोरोना से बचाव की सारी सुविधाएं दी गई हुई है। लेकिन दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि अदालत में याचिका झूठी दर्ज कराई गई है जिसको लेकर इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार को की जाएगी। तबतक के लिए हाइकोर्ट ने किसी को भी इस मामले में दखल देने से इनकार किया है।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य रोकने पर याचिक खारिज करने की मांग : दिल्ली हाइकोर्ट

                                   

Last updated on May 13th, 2021 at 09:53 am

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत एक नए संसद भवन, नए आवसीय परिसर के निर्माण की कल्पना की गई है जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति के साथ और भी नए कार्यालय भवन, मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण होना है। लेकिन कोरोना महामारी के दूसरे लहर के बीच सेंट्रल विस्टा परियोजना पर रोक लगाने को याचिका दिल्ली हाइकोर्ट में दायर की गई थी। जिसकी सुनवाई मंगलवार को हुई है। सुनावाई के मध्य में केंद्र सरकार ने इस निर्माण कार्य का बचाव करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट में काम कर रहे मजदूर कोरोना कर्फ्यू से पहले ही जुट गए थे। और इस निर्माणकार्य रोकने की याचिका खारिज करने की मांग की साथ ही यह भी कहा कि इस निर्माण कार्य मे जो मजदूर काम कर रहे हैं उनका हेल्थ इंश्योरेंस और निर्माण साइट के साथ कोरोना से बचाव की सारी सुविधाएं दी गई हुई है। लेकिन दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि अदालत में याचिका झूठी दर्ज कराई गई है जिसको लेकर इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार को की जाएगी। तबतक के लिए हाइकोर्ट ने किसी को भी इस मामले में दखल देने से इनकार किया है।

Comments are closed.

Share This On Social Media!