पूरा देश कोरोना के खतरनाक दूसरे लहर से जूझ रहा है और दिन प्रतिदिन संक्रमित लोंगो के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं और मौतों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टर्स अपनी पूरी कोशिश लगाकर मरीजों की जान बचाने में जुटे रहते हैं जिससे बहुत से लोग पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर वापस लौटते हैं।
इसीबीच एक सोचनीय विषय यह है कि कई ऐसे केस सामने आ रहे हैं जो चौंका देने वाली है।
कोरोना संक्रमित व्यक्ति ठीक होने के बाद दोबारा से संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।
जिससे दुनियाभर के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात से हैरान हो रहे हैं कि रिकवर हुए लोग दुबारा क्यों और कैसे पॉजिटिव हो रहे हैं?
व्हाइटहेड् इंस्टीट्यूट मेंबर और MIT के बायोलॉजी प्रोफेसर रुडोल्फ जैनिश के एक रिसर्च स्टडी प्रोसिडिंग ऑफ द नेशनल एकडेमी ऑफ साइंसेज में यह पता चला है कि कोरोना वायरस के RNA की लाइफ बहुत छोटी होती है और यह मिनटों में खत्म हो जाती है।
कोरोना वायरस का RNA हमारे शरीर की कोशिकाओं के जीनोम के साथ जुड़ा रहता है। जिसे रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन कहते हैं। जिसका पता RNA के होने वाले पीसीआर टेस्ट में पता चलता है। लेकिन हैरत की बात यह है कि खत्म हुए RNA का अंश DNA में मिल रहा है।
यही कारण है जिससे लोग दुबरा संक्रमित हो रहे हैं

कोरोना जंग जीते हुए लोग हो रहे दुबारा संक्रमित, वैज्ञानिकों ने किया रिसर्च स्टडी

                                   

पूरा देश कोरोना के खतरनाक दूसरे लहर से जूझ रहा है और दिन प्रतिदिन संक्रमित लोंगो के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं और मौतों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टर्स अपनी पूरी कोशिश लगाकर मरीजों की जान बचाने में जुटे रहते हैं जिससे बहुत से लोग पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर वापस लौटते हैं।
इसीबीच एक सोचनीय विषय यह है कि कई ऐसे केस सामने आ रहे हैं जो चौंका देने वाली है।
कोरोना संक्रमित व्यक्ति ठीक होने के बाद दोबारा से संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।
जिससे दुनियाभर के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात से हैरान हो रहे हैं कि रिकवर हुए लोग दुबारा क्यों और कैसे पॉजिटिव हो रहे हैं?
व्हाइटहेड् इंस्टीट्यूट मेंबर और MIT के बायोलॉजी प्रोफेसर रुडोल्फ जैनिश के एक रिसर्च स्टडी प्रोसिडिंग ऑफ द नेशनल एकडेमी ऑफ साइंसेज में यह पता चला है कि कोरोना वायरस के RNA की लाइफ बहुत छोटी होती है और यह मिनटों में खत्म हो जाती है।
कोरोना वायरस का RNA हमारे शरीर की कोशिकाओं के जीनोम के साथ जुड़ा रहता है। जिसे रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन कहते हैं। जिसका पता RNA के होने वाले पीसीआर टेस्ट में पता चलता है। लेकिन हैरत की बात यह है कि खत्म हुए RNA का अंश DNA में मिल रहा है।
यही कारण है जिससे लोग दुबरा संक्रमित हो रहे हैं

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