kartar news

झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट से चार ऑक्सीजन से भरे टैंकरों को ले जाने वाली दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन सोमवार को लखनऊ में ठहरी, जिससे राज्य की राजधानी में जरूरतमंद मरीजों और अस्पतालों को लगभग 75 मीट्रिक टन जीवन रक्षक आक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हुई। ऐसी पहली ट्रेन शनिवार को लखनऊ पहुंची थी।

ऑक्सीजन लेकर चलने वाली एक और रेल देर शाम तक वाराणसी और आधी रात तक लखनऊ पहुंच जाएगी।  यह वाराणसी में 1 टैंकर और लखनऊ में 4 टैंकरों से मदद करेगी।

एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे के प्रयासों से शहर में मौजूदा ऑक्सीजन संकट को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि ये विशेष ट्रेनें ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से 705 किमी की दूरी तय करती हैं ताकि वे एक समान गति से यात्रा कर सकें और सबसे कम समय में गंतव्य तक पहुंच सकें। बोकारो रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करने के बाद, ये ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें दीन दयाल उपाध्याय नगर (मुगल सराय), वाराणसी, सुल्तानपुर स्टेशनों से होकर केवल 16 घंटे में लखनऊ पहुंचती हैं।

दूसरी आक्सीजन एक्सप्रेस लखनऊ की तरफ रवाना

                                   

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झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट से चार ऑक्सीजन से भरे टैंकरों को ले जाने वाली दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन सोमवार को लखनऊ में ठहरी, जिससे राज्य की राजधानी में जरूरतमंद मरीजों और अस्पतालों को लगभग 75 मीट्रिक टन जीवन रक्षक आक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हुई। ऐसी पहली ट्रेन शनिवार को लखनऊ पहुंची थी।

ऑक्सीजन लेकर चलने वाली एक और रेल देर शाम तक वाराणसी और आधी रात तक लखनऊ पहुंच जाएगी।  यह वाराणसी में 1 टैंकर और लखनऊ में 4 टैंकरों से मदद करेगी।

एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे के प्रयासों से शहर में मौजूदा ऑक्सीजन संकट को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि ये विशेष ट्रेनें ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से 705 किमी की दूरी तय करती हैं ताकि वे एक समान गति से यात्रा कर सकें और सबसे कम समय में गंतव्य तक पहुंच सकें। बोकारो रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करने के बाद, ये ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें दीन दयाल उपाध्याय नगर (मुगल सराय), वाराणसी, सुल्तानपुर स्टेशनों से होकर केवल 16 घंटे में लखनऊ पहुंचती हैं।

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