शनिवार को इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) ने केंद्र पर मौतो के आकड़ो में पारदर्शिता न रखने पर सवाल उठाया है। आईएमए ने पत्र में लिखा, “बड़े अस्पतालों में सैकड़ो मौतो को गैर -कोविड दिखाया जा रहा है… शमशानो में जगह नहीं है। आरटी-पीसीआर नेगेटिव लेकिन सीटी पॉजिटिव मामले नहीं गिने जा रही… हम आकड़ो को छुपाने की कोशिस क्यों कर रहे है?

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर स्वास्थ्य प्रणालियों और डॉक्टरों को सांस देने के लिए तत्काल राष्ट्रीय लॉकडाउन की मांग की और पूछा कि केंद्र मौतों को क्यों छुपा रहा है ।

पत्र के रूप में दैनिक मौतों के एक रिकॉर्ड 4,187 COVID-19 मारा और दैनिक मामलों 4,01,078 थे आया था ।”पिछले 20 दिनों में आईएमए 10 से 15 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा करने वाले कुछ राज्यों के बजाय राष्ट्रीय लॉकडाउन की जरूरत पर जोर दे रहा है ताकि सामग्री और जनशक्ति की भरपाई के लिए स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के लिए सांस लेने का समय मिल सके । लॉकडाउन इस विनाशकारी प्रसार की श्रृंखला को तोड़ देगा । फिर भी केंद्र ने लॉकडाउन करने से इनकार कर दिया है जिसके परिणामस्वरूप हर दिन 4 लाख नए मरीज आते हैं।

अंतर वैक्सीन मूल्य निर्धारण नीति पर सवाल आईएमए ने कई स्थानों पर स्टेरॉयड की कमी के अलावा गहराते ऑक्सीजन संकट को भी हरी झंडी दिखाई।आईएमए ने कोविद डेटा की अंडररिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “हमने पहली लहर में 756 डॉक्टरों को खो दिया है और दूसरे में तेजी से 146 । बग अस्पतालों में सैकड़ों मौतों को नॉन कॉविड और श्मशान के रूप में दिखाया जा रहा है । आरटीपीसीआर निगेटिव लेकिन सीटी स्कैन पॉजिटिव केसों की गिनती नहीं हो पा रही है। हम वास्तविक मौतों को छिपाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? आईएमए ने केंद्र से अपनी नींद से जागने के लिए कहा, अगर लोग वास्तविक मौतों के बारे में जानते हैं तो कोविड व्यवहार के बारे में गंभीरता बढ़ जाएगी ।

हम कोविड से हुई मौतो के सही आंकड़े क्यों छुपा रहे है : केंद्र से आईएमए

                                   

शनिवार को इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) ने केंद्र पर मौतो के आकड़ो में पारदर्शिता न रखने पर सवाल उठाया है। आईएमए ने पत्र में लिखा, “बड़े अस्पतालों में सैकड़ो मौतो को गैर -कोविड दिखाया जा रहा है… शमशानो में जगह नहीं है। आरटी-पीसीआर नेगेटिव लेकिन सीटी पॉजिटिव मामले नहीं गिने जा रही… हम आकड़ो को छुपाने की कोशिस क्यों कर रहे है?

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर स्वास्थ्य प्रणालियों और डॉक्टरों को सांस देने के लिए तत्काल राष्ट्रीय लॉकडाउन की मांग की और पूछा कि केंद्र मौतों को क्यों छुपा रहा है ।

पत्र के रूप में दैनिक मौतों के एक रिकॉर्ड 4,187 COVID-19 मारा और दैनिक मामलों 4,01,078 थे आया था ।”पिछले 20 दिनों में आईएमए 10 से 15 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा करने वाले कुछ राज्यों के बजाय राष्ट्रीय लॉकडाउन की जरूरत पर जोर दे रहा है ताकि सामग्री और जनशक्ति की भरपाई के लिए स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के लिए सांस लेने का समय मिल सके । लॉकडाउन इस विनाशकारी प्रसार की श्रृंखला को तोड़ देगा । फिर भी केंद्र ने लॉकडाउन करने से इनकार कर दिया है जिसके परिणामस्वरूप हर दिन 4 लाख नए मरीज आते हैं।

अंतर वैक्सीन मूल्य निर्धारण नीति पर सवाल आईएमए ने कई स्थानों पर स्टेरॉयड की कमी के अलावा गहराते ऑक्सीजन संकट को भी हरी झंडी दिखाई।आईएमए ने कोविद डेटा की अंडररिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “हमने पहली लहर में 756 डॉक्टरों को खो दिया है और दूसरे में तेजी से 146 । बग अस्पतालों में सैकड़ों मौतों को नॉन कॉविड और श्मशान के रूप में दिखाया जा रहा है । आरटीपीसीआर निगेटिव लेकिन सीटी स्कैन पॉजिटिव केसों की गिनती नहीं हो पा रही है। हम वास्तविक मौतों को छिपाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? आईएमए ने केंद्र से अपनी नींद से जागने के लिए कहा, अगर लोग वास्तविक मौतों के बारे में जानते हैं तो कोविड व्यवहार के बारे में गंभीरता बढ़ जाएगी ।

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