Last updated on May 9th, 2021 at 01:39 pm

[3:18 AM, 5/8/2021] S.priyedarshni: पूरे देश मे कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। संक्रमित मरीजों के आकड़ो में लगातार बढ़ोतरी होती है है। जिसमे से कुछ लोग अपने आप को होम क्वारंटाइन कर रहे हैं। होम क्वारंटाइन लोगों के लिए डॉक्टरों द्वारा कुछ गाइडलाइन जारी किये गए हैं जिसमें यह बताया गया है कि किनको होम आइसोलेशन की आवश्यकता है या उस दौरान किन किन चीजो की जरूरत है और किस से परहेज करना है।
वह निम्न बातें यह है कि होम आइसोलेशन के योग्य मरीज
– डॉक्टर बताएंगे कि आपको हल्का लक्षण है या लक्षण रहित संक्रमण है
– संक्रमित व्यक्ति का पूरा परिवार नियमानुसार 14 दिन क्वारंटीन रहेगा
– रोगी की देखरेख के लिए एक व्यक्ति दिनभर रहे, डॉक्टर से लागातार संपर्क में रहें
– 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरीज जिन्हें बीपी, मधुमेह, हृदय, किडनी समेत अन्य बीमारियां हैं वो डॉक्टरी सलाह के बाद ही होम आइसोलेशन में रहेंगे
– संक्रमित के संपर्क में रहने वाला हर व्यक्ति डॉक्टरी सलाह के बाद एचसीक्यू दवा खाएगा

होम आइसोलेशन में इलाज
– संक्रमित व्यक्ति हमेशा अपने डॉक्टर के संपर्क में रहे। तकलीफ होने पर डॉक्टर से बात करें।
– संक्रमण के साथ कोई दूसरी बीमारी है तो डॉक्टरी सलाह के बाद उसकी भी दवा जारी रखें, अपने मन से दवा न बंद करें।
– संक्रमित को बुखार, खांसी, नाक बहना और अन्य तकलीफें हैं तो लक्षणों को नियंत्रित करने की दवा नियमित लेते रहें।
– मरीज दिन में कम से कम दो बार गरारा करें और भाप लें, इससे श्वांस नलिका साफ रहेगी।

दवा से नहीं उतर रहा बुखार तो
बुखार पैरासीटामॉल 650एमजी से दिन में चार बार लेने के बाद भी नियंत्रित नहीं हो रहा है तो डॉक्टर से बात करें। डॉक्टरी सलाह पर स्टेरॉयड का इस्तेमाल करें। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत आइवरमेक्टिन दवा का इस्तेमाल जरूर करें। बुखार और खांसी लगातार 5 दिन बाद भी है तो इन्हेलेशन से दी जाने वाली दवाएं लें।

डॉक्टरों ने जारी किए कोरोना से जुड़ी गाइडलाइन, होम आइसोलेशन के ईलाज

                                   

Last updated on May 9th, 2021 at 01:39 pm

[3:18 AM, 5/8/2021] S.priyedarshni: पूरे देश मे कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। संक्रमित मरीजों के आकड़ो में लगातार बढ़ोतरी होती है है। जिसमे से कुछ लोग अपने आप को होम क्वारंटाइन कर रहे हैं। होम क्वारंटाइन लोगों के लिए डॉक्टरों द्वारा कुछ गाइडलाइन जारी किये गए हैं जिसमें यह बताया गया है कि किनको होम आइसोलेशन की आवश्यकता है या उस दौरान किन किन चीजो की जरूरत है और किस से परहेज करना है।
वह निम्न बातें यह है कि होम आइसोलेशन के योग्य मरीज
– डॉक्टर बताएंगे कि आपको हल्का लक्षण है या लक्षण रहित संक्रमण है
– संक्रमित व्यक्ति का पूरा परिवार नियमानुसार 14 दिन क्वारंटीन रहेगा
– रोगी की देखरेख के लिए एक व्यक्ति दिनभर रहे, डॉक्टर से लागातार संपर्क में रहें
– 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरीज जिन्हें बीपी, मधुमेह, हृदय, किडनी समेत अन्य बीमारियां हैं वो डॉक्टरी सलाह के बाद ही होम आइसोलेशन में रहेंगे
– संक्रमित के संपर्क में रहने वाला हर व्यक्ति डॉक्टरी सलाह के बाद एचसीक्यू दवा खाएगा

होम आइसोलेशन में इलाज
– संक्रमित व्यक्ति हमेशा अपने डॉक्टर के संपर्क में रहे। तकलीफ होने पर डॉक्टर से बात करें।
– संक्रमण के साथ कोई दूसरी बीमारी है तो डॉक्टरी सलाह के बाद उसकी भी दवा जारी रखें, अपने मन से दवा न बंद करें।
– संक्रमित को बुखार, खांसी, नाक बहना और अन्य तकलीफें हैं तो लक्षणों को नियंत्रित करने की दवा नियमित लेते रहें।
– मरीज दिन में कम से कम दो बार गरारा करें और भाप लें, इससे श्वांस नलिका साफ रहेगी।

दवा से नहीं उतर रहा बुखार तो
बुखार पैरासीटामॉल 650एमजी से दिन में चार बार लेने के बाद भी नियंत्रित नहीं हो रहा है तो डॉक्टर से बात करें। डॉक्टरी सलाह पर स्टेरॉयड का इस्तेमाल करें। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत आइवरमेक्टिन दवा का इस्तेमाल जरूर करें। बुखार और खांसी लगातार 5 दिन बाद भी है तो इन्हेलेशन से दी जाने वाली दवाएं लें।

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