Last updated on May 12th, 2021 at 10:43 am

देश भर मे कोरोना की दूसरी लहर ने तेजी से पैर पसारे हैं और यह वायरस पहले से और ज्यादा घातक हो गया है। अब वैक्सीन ही कोरोना वायरस के संक्रामण को रोकने का सबसे तेज़ एवं पूर्णकालिक उपाय है। सरकार ने इस संबंद मे कदम उढ़ाते हुये तेज़ी से वैक्सीनेशन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। 1 मई से 18 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी नागरिकों को वैक्सीनेशन का प्रावधान किया गया है। भारत की 2 प्रमुख वैक्सीन निर्माता कंपनियों ने वैक्सीन के दाम जारी किए हैं। इस रेट लिस्ट मे राज्य सरकारों तथा प्राइवेट हास्पिटलों के लिए अलग – अलग दरों पर वैक्सीन दी जा रही है। इस वजह से उपजे विवाद के बीच देश के मशहूर अर्थशास्त्री और भारत सरकार के पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने ट्वीट कर तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिये हैं।

अरविंद सुब्रमण्यम के सुझाव

1 – सरकार को निर्माताओं को उचित मूल्य देना चाहिए। यह निजी क्षेत्र, घरेलू या विदेश भेजने के लिए परेशान करने और अनिश्चितता पैदा करने का समय नहीं है।

2 – पूरे भारत में वैक्सीन के लिए केवल एक ही कीमत होनी चाहिए। वह मूल्य शून्य होना चाहिए। टीके सभी के लिए मुफ्त होने चाहिए।

3 – केंद्र सरकार को चाहिए कि वे टीकों का पूरा राजकोषीय “खर्च” वहन करें।

पूर्व आर्थिक सलाहकार का यह भी कहना है कि “वायरस राज्य की सीमाओं का सम्मान नहीं करता है। राज्यों की तुलना में केंद्र के पास संसाधनों की बेहतर पहुंच है तथा जीवन रक्षक और आर्थिक गतिविधियों की तुलना में राजकोषीय “लागत” तुच्छ हैं।

वैक्सीन कंपनियों द्वारा जारी दाम

भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट कि कोविशील्ड ने अपने-अपने खुले बाज़ार के दाम जारी किए हैं। कोविशील्ड का दाम राज्य सरकारों के लिए 400 रुपये और प्राइवेट अस्पतालों के लिए 600 रुपये हैं, वहीं भारत बायोटेक का दाम राज्य सरकारों के लिए 600 रुपये और प्राइवेट अस्पतालों क लिए 1200 रुपये रखा गया है।

वैक्सीन की कीमत पर उपजे विवाद के बीच पूर्व आर्थिक सलाहकार ने दिये तीन सुझाव

                                   

Last updated on May 12th, 2021 at 10:43 am

देश भर मे कोरोना की दूसरी लहर ने तेजी से पैर पसारे हैं और यह वायरस पहले से और ज्यादा घातक हो गया है। अब वैक्सीन ही कोरोना वायरस के संक्रामण को रोकने का सबसे तेज़ एवं पूर्णकालिक उपाय है। सरकार ने इस संबंद मे कदम उढ़ाते हुये तेज़ी से वैक्सीनेशन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। 1 मई से 18 वर्ष की आयु से ऊपर के सभी नागरिकों को वैक्सीनेशन का प्रावधान किया गया है। भारत की 2 प्रमुख वैक्सीन निर्माता कंपनियों ने वैक्सीन के दाम जारी किए हैं। इस रेट लिस्ट मे राज्य सरकारों तथा प्राइवेट हास्पिटलों के लिए अलग – अलग दरों पर वैक्सीन दी जा रही है। इस वजह से उपजे विवाद के बीच देश के मशहूर अर्थशास्त्री और भारत सरकार के पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने ट्वीट कर तीन महत्वपूर्ण सुझाव दिये हैं।

अरविंद सुब्रमण्यम के सुझाव

1 – सरकार को निर्माताओं को उचित मूल्य देना चाहिए। यह निजी क्षेत्र, घरेलू या विदेश भेजने के लिए परेशान करने और अनिश्चितता पैदा करने का समय नहीं है।

2 – पूरे भारत में वैक्सीन के लिए केवल एक ही कीमत होनी चाहिए। वह मूल्य शून्य होना चाहिए। टीके सभी के लिए मुफ्त होने चाहिए।

3 – केंद्र सरकार को चाहिए कि वे टीकों का पूरा राजकोषीय “खर्च” वहन करें।

पूर्व आर्थिक सलाहकार का यह भी कहना है कि “वायरस राज्य की सीमाओं का सम्मान नहीं करता है। राज्यों की तुलना में केंद्र के पास संसाधनों की बेहतर पहुंच है तथा जीवन रक्षक और आर्थिक गतिविधियों की तुलना में राजकोषीय “लागत” तुच्छ हैं।

वैक्सीन कंपनियों द्वारा जारी दाम

भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट कि कोविशील्ड ने अपने-अपने खुले बाज़ार के दाम जारी किए हैं। कोविशील्ड का दाम राज्य सरकारों के लिए 400 रुपये और प्राइवेट अस्पतालों के लिए 600 रुपये हैं, वहीं भारत बायोटेक का दाम राज्य सरकारों के लिए 600 रुपये और प्राइवेट अस्पतालों क लिए 1200 रुपये रखा गया है।

Comments are closed.

Share This On Social Media!