भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच सरकार द्वारा कहे जाने पर किसान प्रदर्शन स्थल खाली नहीं करेंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार द्वारा अपने कार्यक्रम और रैलियां खत्म करने पर किसान अपना आंदोलन रद्द करेंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज़ दबाना चाहती है।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार को कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी। उन्होंने दोहराया कि विरोध स्थल अब किसानों के घर हैं ।किसानों के घर ।
किसानों के समूह में होने के कारण कोरोनावायरस बढ़ने के आरोपों का जवाब देते हुए टिकैत ने कहा, किसान अपने घर पर हैं। हम उन्हें और कहां जाने के लिए कहेंगे? क्या कोरोना यहां से फैल रहा है? हम पिछले पांच महीनों से यहां रह रहे हैं, अब यह हमारा घर है ।

टिकैत ने यह भी कहा कि कई किसान कोविद वैक्सीन की दूसरी खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।”कई किसानों को टीका लिया, लेकिन 2 खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों से कहा है कि वे यहां शिविर स्थापित करें ।

उन्होंने इस आरोप का भी खंडन किया कि किसानों ने इफ्तार में कोविद-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने इस बात का जिक्र किया, लोग एक-दूसरे से दूरी पर बैठे थे । 50 लोगों के जमावड़े की अनुमति सरकार द्वारा दी जाती है। इसमें 22-35 लोग थे। कोई एक-दूसरे से नहीं मिला, किसी ने हाथ नहीं हिलाया ।

हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं-सिंघू, टिकरी और गाजीपुर में नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने होल्ड पर रखा है ।

कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच प्रदर्शन स्थल खाली नहीं करेंगे किसान: टिकैत

                                   

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच सरकार द्वारा कहे जाने पर किसान प्रदर्शन स्थल खाली नहीं करेंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार द्वारा अपने कार्यक्रम और रैलियां खत्म करने पर किसान अपना आंदोलन रद्द करेंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज़ दबाना चाहती है।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार को कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी। उन्होंने दोहराया कि विरोध स्थल अब किसानों के घर हैं ।किसानों के घर ।
किसानों के समूह में होने के कारण कोरोनावायरस बढ़ने के आरोपों का जवाब देते हुए टिकैत ने कहा, किसान अपने घर पर हैं। हम उन्हें और कहां जाने के लिए कहेंगे? क्या कोरोना यहां से फैल रहा है? हम पिछले पांच महीनों से यहां रह रहे हैं, अब यह हमारा घर है ।

टिकैत ने यह भी कहा कि कई किसान कोविद वैक्सीन की दूसरी खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।”कई किसानों को टीका लिया, लेकिन 2 खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों से कहा है कि वे यहां शिविर स्थापित करें ।

उन्होंने इस आरोप का भी खंडन किया कि किसानों ने इफ्तार में कोविद-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने इस बात का जिक्र किया, लोग एक-दूसरे से दूरी पर बैठे थे । 50 लोगों के जमावड़े की अनुमति सरकार द्वारा दी जाती है। इसमें 22-35 लोग थे। कोई एक-दूसरे से नहीं मिला, किसी ने हाथ नहीं हिलाया ।

हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं-सिंघू, टिकरी और गाजीपुर में नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने होल्ड पर रखा है ।

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