कोविड-19 संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष स्त: संज्ञान मामले में केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दायर कर कहा है कि वो युद्ध स्तर पर भारत की ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ा रहा है। केंद्र ने कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सक्रिय…और निरंतर निगरानी व प्रत्यक्ष भागीदारी के साथ किया जा रहा है।”केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को कोविड की स्थिति पर हलफनामे में कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीधे युद्ध स्तर पर देश भर में ऑक्सीजन आपूर्ति की निगरानी कर रहे हैं।
केंद्र के 201 पृष्ठ के हलफनामे में कहा गया है, “केंद्र सरकार, सक्रिय और निरंतर पर्यवेक्षण और माननीय प्रधानमंत्री और माननीय गृह मंत्री की सीधी भागीदारी के साथ, युद्ध स्तर पर विकसित हो रही ऑक्सीजन आपूर्ति को बढ़ा रही है और अभिनव उपायों को लागू कर रही है ।”परिणामस्वरूप, अधिक से अधिक चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पन्न होता है और हर दिन उपलब्ध कराया जा रहा है, न सिर्फ मौजूदा आवश्यकताओं पर संभावित भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए । यह प्रस्तुत किया जाता है कि इन प्रयासों में भारत के भीतर सभी उपलब्ध स्रोतों से ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाना और न केवल राजनयिक माध्यमों का उपयोग करके अन्य देशों से ऑक्सीजन का आयात करना बल्कि राजनीतिक कार्यपालिका का व्यक्तिगत हस्तक्षेप भी शामिल है ।

पीएम और शाह की निगरानी में युद्ध स्तर पर बढ़ाई जा रही ऑक्सीजन की आपूर्ति: एससी से केंद्र

                                   

कोविड-19 संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष स्त: संज्ञान मामले में केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दायर कर कहा है कि वो युद्ध स्तर पर भारत की ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ा रहा है। केंद्र ने कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सक्रिय…और निरंतर निगरानी व प्रत्यक्ष भागीदारी के साथ किया जा रहा है।”केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को कोविड की स्थिति पर हलफनामे में कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीधे युद्ध स्तर पर देश भर में ऑक्सीजन आपूर्ति की निगरानी कर रहे हैं।
केंद्र के 201 पृष्ठ के हलफनामे में कहा गया है, “केंद्र सरकार, सक्रिय और निरंतर पर्यवेक्षण और माननीय प्रधानमंत्री और माननीय गृह मंत्री की सीधी भागीदारी के साथ, युद्ध स्तर पर विकसित हो रही ऑक्सीजन आपूर्ति को बढ़ा रही है और अभिनव उपायों को लागू कर रही है ।”परिणामस्वरूप, अधिक से अधिक चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पन्न होता है और हर दिन उपलब्ध कराया जा रहा है, न सिर्फ मौजूदा आवश्यकताओं पर संभावित भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए । यह प्रस्तुत किया जाता है कि इन प्रयासों में भारत के भीतर सभी उपलब्ध स्रोतों से ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाना और न केवल राजनयिक माध्यमों का उपयोग करके अन्य देशों से ऑक्सीजन का आयात करना बल्कि राजनीतिक कार्यपालिका का व्यक्तिगत हस्तक्षेप भी शामिल है ।

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