रुचि सोया इंडस्ट्रीज ने इस बात का ऐलान किया है कि वह पतंजलि की बिस्किट कंपनी को खरीदेगी। आने वाले दो महीने में इसका अधिग्रहण पूरा हो जाएगा साथ ही इसके रकम को दो चरण में देने की बात की गई है। दोनों कंपनियों के बीच यह सौदा 60.02 करोड़ रुपये में तय किया गया है। इस राशि की भुगतान की बात करे तो 15 करोड़ रुपये डील के मुताबिक आखिरी दिन दिये जायेंगे वही बचा हुआ 45 करोड़ डील के आखिरी तारीख से अगले 45 दिनों में भुगतान किया जाएगा। वही रुचि सोया का कहना है कि यह सौदा आने वाली रणनीति में मदद करेगी क्योंकि कंपनी एफएमसीजी सेक्टर में बड़ा प्लेयर बनने का सोच रखा उस वक़्त यह सौदा बहुत काम आएगी। फिलहाल रूचि सोया भारत मे न्यूट्रिला , महाकोश, रुचि गोल्ड, रुचि स्टार कमापनियों के साथ बिजनेस कर रही है।
वही उसका कहना है कि पतंजलि की शुरुआत साल 2006 में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण द्वारा किया गया था। फिलहाल आचार्य बालकृष्ण के पास 99.6% की हिस्सेदारी है वहीं बाबा रामदेव को-फाउंडर के रूप में है। साथ ही रुचि सोया के एग्जीक्यूटिव नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी है।
आपको बता दे कि साल 2019 में पतंजलि आयुर्वेद ने रुचि सोया को खरीदा था जब रुचि सोया कर्ज में डूबी हुई थी। जिसे खरीदने के लिए पतंजलि आयुर्वेद ने एसबीआई 1200 करोड़, सिंडिकेट बैंक 400 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक 700 करोड़, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया600 करोड़ और इलाहाबाद बैंक से 300 करोड़ यानि कि कुल मिला के 3200 करोड़ का कर्ज लेकर इसे खरीदी थी।

रुचि सोया कंपनी खरीदेगी पतंजलि बिस्किट की कंपनी

                                   

रुचि सोया इंडस्ट्रीज ने इस बात का ऐलान किया है कि वह पतंजलि की बिस्किट कंपनी को खरीदेगी। आने वाले दो महीने में इसका अधिग्रहण पूरा हो जाएगा साथ ही इसके रकम को दो चरण में देने की बात की गई है। दोनों कंपनियों के बीच यह सौदा 60.02 करोड़ रुपये में तय किया गया है। इस राशि की भुगतान की बात करे तो 15 करोड़ रुपये डील के मुताबिक आखिरी दिन दिये जायेंगे वही बचा हुआ 45 करोड़ डील के आखिरी तारीख से अगले 45 दिनों में भुगतान किया जाएगा। वही रुचि सोया का कहना है कि यह सौदा आने वाली रणनीति में मदद करेगी क्योंकि कंपनी एफएमसीजी सेक्टर में बड़ा प्लेयर बनने का सोच रखा उस वक़्त यह सौदा बहुत काम आएगी। फिलहाल रूचि सोया भारत मे न्यूट्रिला , महाकोश, रुचि गोल्ड, रुचि स्टार कमापनियों के साथ बिजनेस कर रही है।
वही उसका कहना है कि पतंजलि की शुरुआत साल 2006 में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण द्वारा किया गया था। फिलहाल आचार्य बालकृष्ण के पास 99.6% की हिस्सेदारी है वहीं बाबा रामदेव को-फाउंडर के रूप में है। साथ ही रुचि सोया के एग्जीक्यूटिव नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी है।
आपको बता दे कि साल 2019 में पतंजलि आयुर्वेद ने रुचि सोया को खरीदा था जब रुचि सोया कर्ज में डूबी हुई थी। जिसे खरीदने के लिए पतंजलि आयुर्वेद ने एसबीआई 1200 करोड़, सिंडिकेट बैंक 400 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक 700 करोड़, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया600 करोड़ और इलाहाबाद बैंक से 300 करोड़ यानि कि कुल मिला के 3200 करोड़ का कर्ज लेकर इसे खरीदी थी।

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