[2:43 AM, 5/14/2021] Mother India: कोरोना संकट में चल रहे कार्यक्रम “हम जीतेंगे-positivity unlimited श्रृंखला” के द्वितीय दिन श्री श्री रविशंकर, अजीम प्रेमजी, निवेदिता भिड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संकट पर विजय के लिए करुणा, सेवा व सकारात्मक को हथियार बनाएं।
नई दिल्ली, 12 मई. आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर, सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री निवेदिता भिड़े, विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी व प्रसिद्ध उद्योगपति व अब सामाजिक कार्यों में सक्रिय अज़ीम प्रेमजी ने भारतीय समाज से आह्वान करते हुए कहा कि कोरोना संकट में सभी लोग एक साथ मिलकर करुण व सेवाभाव रखते हुए महामारी का मुकाबला करेंगें. ‘हम जीतेंगे – Positivity Unlimited’ श्रृंखला के अंतर्गत आज दूसरे दिन संबोधित कर रहे थे. यह कार्यक्रम दिल्ली के कोविड रेस्पॉन्स टीम के द्वारा आयोजित किया गया था।
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जो द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक भी है उन्होंने कहा कि, ”इस संकट में हमसभी लोगों के ऊपर मानसिक व सामाजिक जिम्मेदारी है,जिसे निभाने के लिए हमें हमारे भीतर के जोश और धैर्य को जगाना होगा जिससे उदासिनता खत्म हो जाएगा”
उन्होंने कहा, ”करूणा की कब आवश्यकता है? व्यक्ति अंदर से दुख दर्द से पीड़ित होता है साथ ही उदास भी होता. यहां करूणा अपने भीतर जगाएं. अपने भीतर करुणा जगाने के लिए हमे सेवाभाव मे लगना चाहिए और जितना हो सके दूसरे के मदद के लिए आगे आये क्योंकि मनुष्य जीवन एक परीक्षा जैसी है इसलिए इस मुश्किल घड़ी में भगवान की भक्ति करना चाहिए और मदद करनी चाहिये जिससे प्रभु हमें बल देंगे”
साथ ही कहा कि हमे नकारात्मक सोच से दूर रहना चाहिये क्योंकि यह सोच हमारे मानसिकता को भी खराब करती है और नकारात्मक मानसिकता बोझ जैसी लगती है। इसलिए इस वक़्त हमे एक दूसरे के साथ खड़े होकर इस संकट से उबरना होगा और एक दूसरे के सहयोग से नकारात्मक प्रभाव से बच सकते हैं क्योंकि यही वो वक़्त है जिसमें हम अपने अंदर योग साधना और आयुर्वेद को अपना कर करुणा जगा सकते हैं। ईश्वर के प्रति निष्ठा जगाये साथ औरों की मदद करे।”
वहीं इस मौके पर पद्मश्री निवेदिता भिड़े जी द्वारा यह कहा गया है , इस महामारी के दूसरे लहर से पूरी दुनिया हिल गई है लेकिन अपने अंदर एक विश्वास रखते हुए समाज, सरकार, और हर व्यक्ति के साथ एकजुट हो जायेंगे तो भरोसा है कि हम जरूर जीतेंगे । यह भी बताया कि इस संकट के घड़ी में हम अपने साथी पड़ोसी व समाज के बीच से नकारात्मक सोच को दूर करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं तो यह सकारात्मक तरंग रचनात्मक गतिविधियों को सक्रियता से भागीदारी सुनिश्चित करेंगी। वहीं अभी जो भी परिवार कोरोना से संक्रमित हो गया है तो उनकी मदद करे नही तो कम से कम उनके लिए प्रार्थना करें।
क्योंकि हमें भूलना नही चाहिए कि हम एक ऐसे राष्ट्र के नागरिक है जहाँ बड़ी बड़ी संकट भी छोटी पड़ जाती है और पहले भी हमलोगों ने ऐसे कई चुनौतीओ का सामना किया है। इसलिए इस जंग पर भी जीत हासिल करेंगे।
संबोधन करते हुए अज़ीम प्रेमजी ने कहा कि इस विकट परिस्थितियों में पूरे देश को साथ खड़े रहकर लड़ना होगा और जीत हासिल करना होगा क्योंकि हमलोगो को यह समझना होगा कि इस वक़्त मजबूती के लिए साथ मिलकर लड़ना होगा विभाजित होने का सोचते हैं तो हम कमजोर पड़ जाएंगे और संघर्ष में हमारा समय बर्बाद हो जाएगा
वही लोगो से आग्रह करते हुए कहा की इस वक़्त हमे हमारे समाज के कमजोर लोगो के लिए यथासंभव सहयोग का प्रयास करना होगा जिससे सभ लोग सुरक्षित रहे और एकदूसरे को बल मिलते रहे। और यह कहते हुए अपनी वाणी को विराम दिया कि यह व्यख्यानमाला कार्यक्रम 11 मई से 15 मई तक 100 से अधिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर संध्या4:30 बजे शुरू होती है। जिसमें 13 मई में संबोधन के लिए इस श्रृंखला में पूज्यनीय शंकराचार्य विजेंद्र सरस्वती जी व प्रख्यात कलाकार पद्मविभूषण सोनल मानसिंह जी का नाम है।

‘हम जीतेंगे – Positivity Unlimited’ श्रृंखला के अंतर्गत पूज्य श्री श्री रविशंकर जी ने जगाया जोश

                                   

[2:43 AM, 5/14/2021] Mother India: कोरोना संकट में चल रहे कार्यक्रम “हम जीतेंगे-positivity unlimited श्रृंखला” के द्वितीय दिन श्री श्री रविशंकर, अजीम प्रेमजी, निवेदिता भिड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संकट पर विजय के लिए करुणा, सेवा व सकारात्मक को हथियार बनाएं।
नई दिल्ली, 12 मई. आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर, सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री निवेदिता भिड़े, विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी व प्रसिद्ध उद्योगपति व अब सामाजिक कार्यों में सक्रिय अज़ीम प्रेमजी ने भारतीय समाज से आह्वान करते हुए कहा कि कोरोना संकट में सभी लोग एक साथ मिलकर करुण व सेवाभाव रखते हुए महामारी का मुकाबला करेंगें. ‘हम जीतेंगे – Positivity Unlimited’ श्रृंखला के अंतर्गत आज दूसरे दिन संबोधित कर रहे थे. यह कार्यक्रम दिल्ली के कोविड रेस्पॉन्स टीम के द्वारा आयोजित किया गया था।
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जो द आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक भी है उन्होंने कहा कि, ”इस संकट में हमसभी लोगों के ऊपर मानसिक व सामाजिक जिम्मेदारी है,जिसे निभाने के लिए हमें हमारे भीतर के जोश और धैर्य को जगाना होगा जिससे उदासिनता खत्म हो जाएगा”
उन्होंने कहा, ”करूणा की कब आवश्यकता है? व्यक्ति अंदर से दुख दर्द से पीड़ित होता है साथ ही उदास भी होता. यहां करूणा अपने भीतर जगाएं. अपने भीतर करुणा जगाने के लिए हमे सेवाभाव मे लगना चाहिए और जितना हो सके दूसरे के मदद के लिए आगे आये क्योंकि मनुष्य जीवन एक परीक्षा जैसी है इसलिए इस मुश्किल घड़ी में भगवान की भक्ति करना चाहिए और मदद करनी चाहिये जिससे प्रभु हमें बल देंगे”
साथ ही कहा कि हमे नकारात्मक सोच से दूर रहना चाहिये क्योंकि यह सोच हमारे मानसिकता को भी खराब करती है और नकारात्मक मानसिकता बोझ जैसी लगती है। इसलिए इस वक़्त हमे एक दूसरे के साथ खड़े होकर इस संकट से उबरना होगा और एक दूसरे के सहयोग से नकारात्मक प्रभाव से बच सकते हैं क्योंकि यही वो वक़्त है जिसमें हम अपने अंदर योग साधना और आयुर्वेद को अपना कर करुणा जगा सकते हैं। ईश्वर के प्रति निष्ठा जगाये साथ औरों की मदद करे।”
वहीं इस मौके पर पद्मश्री निवेदिता भिड़े जी द्वारा यह कहा गया है , इस महामारी के दूसरे लहर से पूरी दुनिया हिल गई है लेकिन अपने अंदर एक विश्वास रखते हुए समाज, सरकार, और हर व्यक्ति के साथ एकजुट हो जायेंगे तो भरोसा है कि हम जरूर जीतेंगे । यह भी बताया कि इस संकट के घड़ी में हम अपने साथी पड़ोसी व समाज के बीच से नकारात्मक सोच को दूर करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं तो यह सकारात्मक तरंग रचनात्मक गतिविधियों को सक्रियता से भागीदारी सुनिश्चित करेंगी। वहीं अभी जो भी परिवार कोरोना से संक्रमित हो गया है तो उनकी मदद करे नही तो कम से कम उनके लिए प्रार्थना करें।
क्योंकि हमें भूलना नही चाहिए कि हम एक ऐसे राष्ट्र के नागरिक है जहाँ बड़ी बड़ी संकट भी छोटी पड़ जाती है और पहले भी हमलोगों ने ऐसे कई चुनौतीओ का सामना किया है। इसलिए इस जंग पर भी जीत हासिल करेंगे।
संबोधन करते हुए अज़ीम प्रेमजी ने कहा कि इस विकट परिस्थितियों में पूरे देश को साथ खड़े रहकर लड़ना होगा और जीत हासिल करना होगा क्योंकि हमलोगो को यह समझना होगा कि इस वक़्त मजबूती के लिए साथ मिलकर लड़ना होगा विभाजित होने का सोचते हैं तो हम कमजोर पड़ जाएंगे और संघर्ष में हमारा समय बर्बाद हो जाएगा
वही लोगो से आग्रह करते हुए कहा की इस वक़्त हमे हमारे समाज के कमजोर लोगो के लिए यथासंभव सहयोग का प्रयास करना होगा जिससे सभ लोग सुरक्षित रहे और एकदूसरे को बल मिलते रहे। और यह कहते हुए अपनी वाणी को विराम दिया कि यह व्यख्यानमाला कार्यक्रम 11 मई से 15 मई तक 100 से अधिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर संध्या4:30 बजे शुरू होती है। जिसमें 13 मई में संबोधन के लिए इस श्रृंखला में पूज्यनीय शंकराचार्य विजेंद्र सरस्वती जी व प्रख्यात कलाकार पद्मविभूषण सोनल मानसिंह जी का नाम है।

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