बेंगलुरु (करतार न्यूज़ प्रतिनिधि):- बंगलुरू के आसमान में सोमवार को सूरज कुछ अलग ही अंदाज में अपना दर्शन दिया।
सोशल मीडिया पर लोग इसे प्रकृति के चमत्कार और चंद्रग्रहण से पहले कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार यह एक वायुमंडलीय घटना है और इसे सन हेलो कहा जायेगा।
दरअसल, सूरज की किरणें जब वातावरण में मौजूद नमी के संपर्क ने आता है तो सूर्य के चारों तरफ से इस तरह का रिंग बन जाता है।
इसी करण इसे सन हेलो भी बोल सकते हैं।
यह अद्भुत दृश्य की ली गई हुई तसवीर सोशल मीडिया पर छा गयी है। लोग इसे बहुत पसंद कर रहे हैं और इसकी चर्चा काफी हो रही है।
इसके सुंदर रूप ने सबका मनमोह लिया
सूर्य के चारों ओर एक चमकीला ‘हेलो’ सोमवार को बेंगलुरु में दोपहर के आसपास आसमान में देखा गया। स्थानीय लोगों ने आसमान में तमाशे का आनंद लिया, जो इंद्रधनुष के रंग की तरह रंगीन लग रहा था सूर्य हेलो, केंद्र में सूर्य के साथ एक आदर्श वलय की खगोलीय घटना है, कई लोगों को आश्चर्य हुआ कि क्या यह एक अलौकिक घटना थी। इस घटना को लोकप्रिय रूप से सूर्य के 22 डिग्री गोलाकार प्रभामंडल या कभी-कभी चंद्रमा (जिसे मून रिंग या विंटर हेलो भी कहा जाता है) के रूप में जाना जाता है, तब होता है जब सूर्य या चंद्रमा की किरणें सिरस के बादलों में मौजूद हेक्सागोनल बर्फ के क्रिस्टल के माध्यम से विक्षेपित / अपवर्तित हो जाती हैं।

Magnificent ‘Sun halo’ delights Bengaluru residents
Source: Google image

ठंडे देशों में यह एक बहुत ही सामान्य घटना है। लेकिन हमारे देशों में इसकी घटना दुर्लभ है और इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है।

यह तब होता है जब सूरज के पास या उसके आसपास आसमान में नमी से भरे सिरस बादल होते हैं और यह एक स्थानीय घटना है। असामान्य घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर छा गया है।

शानदार ‘सन हेलो’ बेंगलुरू के निवासियों को प्रसन्न

                                   

बेंगलुरु (करतार न्यूज़ प्रतिनिधि):- बंगलुरू के आसमान में सोमवार को सूरज कुछ अलग ही अंदाज में अपना दर्शन दिया।
सोशल मीडिया पर लोग इसे प्रकृति के चमत्कार और चंद्रग्रहण से पहले कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार यह एक वायुमंडलीय घटना है और इसे सन हेलो कहा जायेगा।
दरअसल, सूरज की किरणें जब वातावरण में मौजूद नमी के संपर्क ने आता है तो सूर्य के चारों तरफ से इस तरह का रिंग बन जाता है।
इसी करण इसे सन हेलो भी बोल सकते हैं।
यह अद्भुत दृश्य की ली गई हुई तसवीर सोशल मीडिया पर छा गयी है। लोग इसे बहुत पसंद कर रहे हैं और इसकी चर्चा काफी हो रही है।
इसके सुंदर रूप ने सबका मनमोह लिया
सूर्य के चारों ओर एक चमकीला ‘हेलो’ सोमवार को बेंगलुरु में दोपहर के आसपास आसमान में देखा गया। स्थानीय लोगों ने आसमान में तमाशे का आनंद लिया, जो इंद्रधनुष के रंग की तरह रंगीन लग रहा था सूर्य हेलो, केंद्र में सूर्य के साथ एक आदर्श वलय की खगोलीय घटना है, कई लोगों को आश्चर्य हुआ कि क्या यह एक अलौकिक घटना थी। इस घटना को लोकप्रिय रूप से सूर्य के 22 डिग्री गोलाकार प्रभामंडल या कभी-कभी चंद्रमा (जिसे मून रिंग या विंटर हेलो भी कहा जाता है) के रूप में जाना जाता है, तब होता है जब सूर्य या चंद्रमा की किरणें सिरस के बादलों में मौजूद हेक्सागोनल बर्फ के क्रिस्टल के माध्यम से विक्षेपित / अपवर्तित हो जाती हैं।

Magnificent ‘Sun halo’ delights Bengaluru residents
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ठंडे देशों में यह एक बहुत ही सामान्य घटना है। लेकिन हमारे देशों में इसकी घटना दुर्लभ है और इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है।

यह तब होता है जब सूरज के पास या उसके आसपास आसमान में नमी से भरे सिरस बादल होते हैं और यह एक स्थानीय घटना है। असामान्य घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर छा गया है।

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